कुंभ से पहले हरिद्वार, रुड़की और कलियर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। सड़कों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीख मांगने वाले लोगों को अब आश्रमों और धर्मशालाओं में आसरा दिया जाएगा।डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों को केवल सड़कों से हटाना समाधान नहीं है, बल्कि उनके पुनर्वास की व्यवस्था जरूरी है। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंदों को भोजन और सुरक्षित आश्रय मिले, परिवार वालों की पहचान कर उन्हें घर पहुंचाया जाए और काम करने में सक्षम लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में आश्रमों और धर्मशालाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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