श्रीजी वाटिका में आयोजित भारत साधु समाज की बैठक में संतों ने कुंभ के पौराणिक स्वरूप से छेड़छाड़ पर रोष जताया। उन्होंने कहाकि कुंभ के पौराणिक स्वरूप से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में संत समाज स्वीकार नहीं करेगा।कहा कि साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद का वर्तमान में कोई अध्यक्ष नहीं है और न ही अखाड़ा परिषद अस्तित्व में है।
महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने कहाकि प्रशासन का कार्य व्यवस्था बनाना है, न की अपने बनाए गए नियमों को संतों पर थोपना। भारत साधु समाज के आज नए पदाधिकारियों की भी घोषणा की गयी। बैठक में स्वामी सत्यवृत्तानंद को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। जबकि विनोद गिरि को महामंत्री और स्वामी अमृतानंद को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
श्री जी वाटिका में हुई संतों की बैठक में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर और अधिक कार्य करने की जरूरत पर मंथन करने को कहा गया।

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