आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन में कोविड के नए वैरिएंट पर अनुसंधान शुरू करने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए चीन की साइनो बॉयोलॉजिकल लैब से स्पाइक प्रोटीन मंगाया गया।इस पर पतंजलि अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिक रिसर्च करेंगे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि बीते कोरोना काल में जहां संपूर्ण विश्व में हाहाकार मचा हुआ था, वहीं पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन के वैज्ञानिकों ने सतत अनुसंधान से कोरोनिल का आविष्कार कर हजारों जीवन बचाए। इसका परिणाम रहा कि आज मानव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के इतिहास में आयुर्वेद का परचम लहरा रहा है।आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि कई जटिल प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद लगभग डेढ़ माह बाद चीन से यह स्पाइक प्रोटीन हमें मिल पाया है। यह संस्थान के वैज्ञानिकों को काफी उत्साह और प्रेरणा देने वाला है। प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने कहा कि ओमीक्रॉन जेएन-1 वायरस के स्पाइक प्रोटीन पर कोरोनिल के इस्तेमाल से इन्फेक्शन कंट्रोल का ट्रॉयल किया जाएगा। इसके परिणाम वायरस कंट्रोल के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।

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