भागीरथ महोत्सव मेला 2025 का आयोजन 29 मार्च से 30 अप्रैल तक दशहरा मैदान, पीठ बाजार से-4 भेल के मैदान में किया जाएगा।आयोजन समिति के अध्यक्ष मनोज मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मेले न केवल मनोरंजन के साधन हैं, अपितु ज्ञानवर्द्धन के साधन भी कहे जाते हैं। प्रत्येक मेले का इस देश की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक परम्पराओं से जुड़ा होना इस बात का प्रमाण हैं कि ये मेले किस प्रकार जन मानस में एक अपूर्व उल्लास, उमंग तथा मनोरंजन करते हैं। मेले का महत्व सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, और धार्मिक होता है। मेला लोगों को एक साथ आने का मौका देता हैं। लोक संस्कृति और लोक जीवन को बढ़ावा देता हैं। सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने में मदद करता है।पत्रकार वार्ता में समिति के संरक्षक सुकरामपाल व राकेश चौहान, उपाध्यक्ष तरुण कुमार शुक्ला, कोषाध्यक्ष प्रवीण बरदिया, सलाहकार संतोष साहू, कार्यकारी सदस्य रामचंद्र यादव, सदस्य गौरीशंकर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

More Stories
जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मेले को तत्काल बंद कराने की मांग की
जनपद में 21 अक्टूबर से 7 नवंबर तक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा
दशहरा पर्व को लेकर शहर में यातायात प्लान लागू हुआ