मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार अधीनस्थ चयन सेवा आयोग की परीक्षा की निष्पक्षता से जांच करा रही है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन करते हुए इसकी जांच शुरू कर दी गई है।जांच और फिर कार्रवाई तेजी से होगी। एसआइटी की जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा। उसके आधार पर छात्रों के हित में जो भी जरूरी होगा, निर्णय लिया जाएगा।
सीएम ने यह भी कहा कि युवाओं को तय करना है कि उनका आंदोलन चलाने वाले कौन लोग है। आखिर कौन उन्हें सड़कों पर लाकर अपना हित साध रहे हैं। इस विषय को पूरा राजनीति की ओर धकेल दिया है। देशद्रोह के नारे लगाए जा रहे हैं और सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्तमान प्रकरण में युवाओं की तरफ से ही यह बात आई थी कि इसकी निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। सरकार ने इसकी जांच शुरू करा दी है। एक माह तक भर्ती प्रक्रिया को रोक दिया गया है। इसका अभी परिणाम आने वाला नहीं है। एसआइटी की जांच के बाद युवाओं के हित में जो निर्णय होगा, वह लिया जाएगा, सरकार इसमें एक मिनट भी पीछे हटने वाले नहीं है।
एसआईटी ने विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करने के लिए शनिवार को हरिद्वार के कलेक्ट्रेट सभागार में जनसंवाद का आयोजन किया है। इसमें इच्छुक प्रतियोगी, अभ्यर्थी व अभिभावक अपनी शंकाओं, सवालों व जानकारियों को साझा कर सकते हैं।

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