शांतिकुंज गायत्री परिवार के वसुधा वंदन कार्यक्रम में गुरुवार को राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं हृदय, आत्मा की यात्रा भी है। इस तरह के कार्यक्रम से प्रधानमंत्री के भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को कोई रोक नहीं सकता।गंगा की धाराओं के मध्य शताब्दी समारोह होना सौभाग्य की बात है। 50 दिनों तक होने वाला समारोह चेतना को जागृत और मन को शुद्धि देने वाला है। उन्होंने कहा कि अखंड दीप सिर्फ एक जोत नहीं बल्कि गुरुदेव की आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है।
प्रतिकुलपति ने शताब्दी समारोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी अतिथियों को गायत्री मंत्र चादर, रुद्राक्ष की माला तथा गुरुदेव का सत्साहित्य देकर सम्मानित किया।

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