आगामी कुंभ मेला-2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आपदा-सहिष्णु बनाने के लिए मंगलवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), मेला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।बैठक में भीड़ प्रबंधन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण, निकासी योजना, अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की तैयारियों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सेक्टर में आपदा प्रबंधन संसाधनों की उपलब्धता, आपातकालीन निकासी मार्गों का विकास, संवेदनशील स्थलों की पहचान, मजबूत संचार तंत्र और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। साथ ही समय-समय पर मॉक ड्रिल और संयुक्त अभ्यास आयोजित कर सभी एजेंसियों की तैयारियों को परखा जाएगा।अधिकारियों ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल कुंभ मेले में करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में भगदड़, अग्निकांड, गंगा घाटों पर जल दुर्घटनाएं, खराब मौसम, यातायात दबाव, अस्थायी संरचनाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को प्रमुख जोखिमों के रूप में चिन्हित किया गया है।

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