कावड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के बीच बैठक हुई

इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी को है। ऐसे में कांवड़‍िए हरिद्वार जल लेने के लिए निकल रहे हैं। वहां से वे शिव मंदिरों में जल अर्पित करने निकलेंगे। इस दौरान हरिद्वार और बिजनौर की पुलिस आपस में तालमेल करके व्‍यवस्‍था बनाने पर काम करेंगी।यूपी उत्तराखंड की सीमा पर बिजनौर पुलिस तैनात रहेगी। दोनों राज्‍यों के बीच सहमति के बाद 5 फरवरी से ट्रैफिक डायवर्जन शुरू होगा।

शनिवार को लिए बिजनौर पुलिस के आला अफसर उत्तराखंड में हरिद्वार पहुंचे। यहां पर श्यामपुर थाने के पास दोनों जिलों की पुलिस ने संयुक्त बैठक की।बैठक में यूपी की ओर से बिजनौर के एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल ने तैयारियों के बारे में हरिद्वार पुलिस से बातचीत की। इससे पहले शुक्रवार को डीएम और एसपी बिजनौर कांवड़ यात्रा को लेकर बैठक कर चुके थे। इस बैठक के निर्णय और तैयारियों को हरिद्वार पुलिस से साझा किया गया।
डायवर्जन के बारे में सीओ नजीबाबाद ने बताया कि हरिद्वार और बिजनौर पुलिस ने आपसी सहमति से तय किया है कि 5 फरवरी के बाद से हरिद्वार की ओर कोई भी माल वाहक वाहन न जाएगा और न ही वहां से आने की अनुमति होगी। जो भारी वाहन होंगे उन्‍हें बिजनौर से मुजफ्फरनगर के रास्ते हरिद्वार भेजा जाएगा। केवल आवश्यक वस्तुओं के वाहन रात 11 बजे से सुबह 4 बजे तक आ जा सकेंगे।

बैठक में यह भी तय किया गया कि हरिद्वार की सीमा में पूर्वी गंगा नहर पर बिजनौर पुलिस भी तैनात रहेगी। इस नहर की पटरी को बाइपास के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कांवड़ से जुड़ी सूचनाओं के आदान प्रदान के लिए दोनों जिलों की पुलिस का एक वॉट्सएप ग्रुप बनाया गया है। यह भी तय किया गया कि कांवड़ियों और ट्रैफिक से जुड़े अपडेट को लेकर दोनों ही जिलों की पुलिस दो घंटे पहले सूचना देगी।

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