जेसीबी चालक की संदिग्ध हालत में मौत होने पर केस दर्ज हुआ

शहर के कचरे की प्रोसेसिंग करने वाली एक कंपनी के जेसीबी चालक की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है।मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी के दौरान उनके पति की तबियत बिगड़ने पर न अस्पताल ले जाया गया, न ही डाक्टर को मौके पर बुलाया गया।उन्हें शक है कि उनके पति को कुछ खिलाकर या गला दबाकर हत्या की गई है। पीड़िता की अर्जी पर अदालत ने पुलिस को हत्या का मुकदमा दर्ज करके जांच का आदेश दिया है।

अदालत के आदेश पर श्यामपुर पुलिस ने कंपनी के आगरा निवासी महाप्रबंधक समेत पांच आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र से उठने वाले कूड़े की प्रोसेसिंग का प्लांट नीलधारा पार्किंग क्षेत्र में संचालित होता है। नगर निगम के ठेके पर आगरा की मैसर्स एन्वॉयरमेंट टेक्नो कंपनी यह काम कर रही है, जिसमें अरुण निवासी अमरोहा, बिजनौर (उप्र) जेसीबी मशीन आपरेटर थे।बीती अप्रैल 2025 को अरुण की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। उनकी पत्नी अनु ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 24 अप्रैल 2025 की रात उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। आरोप है कि मौके पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने न तो डाक्टर बुलाया और न ही उनके पति को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सीय सहायता देने के बजाए उन्हें कमरे में ले जाकर लिटा दिया, जहां उनकी मौत हो गई।स्वजनों ने कंपनी के महाप्रबंधक व प्रबंधन के अन्य अधिकारियों को अरुण की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए साजिश की आशंका जताई। पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई।

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