पार्षदों ने नगर निगम में टेंडर प्रक्रिया के दौरान एक ठेकेदार पर अभद्र व्यवहार और नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसका पंजीकरण निरस्त करने की मांग की गई है।इस संबंध में नगर आयुक्त को लिखित शिकायत सौंपी गई है। शिकायत में कहा गया है कि चार जुलाई को नगर निगम में टेंडर आमंत्रित किए गए थे। आरोप है कि एक ठेकेदार ने सुबह करीब 11 बजे टेंडर लेने के लिए आवेदन जमा किया, जबकि टेंडर शुल्क जमा करने की अंतिम समय-सीमा दोपहर दो बजे तक निर्धारित थी। शिकायतकर्ता पार्षदों का कहना है कि ठेकेदार ने निर्धारित समय तक शुल्क जमा नहीं कराया और शाम करीब चार बजे निर्माण विभाग पहुंचकर कर्मचारी राहुल से टेंडर फॉर्म की मांग करने लगा।
पार्षदों का आरोप है कि नियमों के अनुसार टेंडर उपलब्ध न कराए जाने पर ठेकेदार ने कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इतना ही नहीं, नगर आयुक्त और मेयर के लिए भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ठेकेदार पहले भी इसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न कर चुका है। पार्षदों ने नगर आयुक्त से ठेकेदार का पंजीकरण तत्काल निरस्त करने की मांग करते हुए कहा है कि इससे भविष्य में कोई भी ठेकेदार नियमों की अनदेखी कर कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का साहस नहीं करेगा।

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