अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को किसानों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने योजना को वापस लेने की मांग करते हुए डीएम विनय शंकर पांडेय के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा।भाकियू ने हाल में ही धर्मनगरी में संपन्न हुए तीन दिवसीय किसान महाकुंभ में अग्निपथ के विरोध में देशभर के जिला मुख्यालयों में 24 जून को धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। इसके क्रम में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन टिकैत और अन्य किसान संगठनों के कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे। यूनियन के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी ने कहा कि अग्निपथ योजना से देश युवा और किसान के भविष्य से खिलवाड़ करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। सरकार ने बिना सोचे समझे योजना को लागू कर दिया है, लेकिन किसान इसे किसी भी हालत में बरदाश्त नहीं करेंगे।
उत्तराखंड किसान मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन रोड़ ने कहा कि सेना में किसानों के बच्चे जाते हैं। किसान अन्नदाता भी है और राष्ट्र की रक्षा के लिए भी सीमा पर तैनात रहता है, लेकिन केंद्र सरकार किसान और उनके बच्चों का भविष्य बनाने की बजाय उसे नष्ट करने करने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा। इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, रामपाल सिंह, संजीव, शुब्बा सिंह ढिल्लो, दुष्यंत सिंह, बचन सिंह और राव महताब आदि मौजूद रहे।

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