मंगलवार रात से हरकी पैड़ी पर 18 दिनों के लिए गंगाजल रोका गया

हरिद्वार में ऊपरी गंगनहर को मरम्मत के लिए मंगलवार देर रात से बंद कर दिया गया है, जिसके चलते हर की पैड़ी पर गंगा जल का संकट खड़ा हो गया है. अब 18 दिन बाद ही हर की पैड़ी पर गंगाजल पूरी तरह दिखेगा.इसके चलते यहां आने वाले श्रद्धालुओं को निराशा हाथ लगी है, इसके साथ ही स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान की आशंका नजर आ रही है. कुछ व्यापारियों ने इस तरह पानी पूरी तरह बंद करने पर ऐतराज जताया है. पुजारियों के मुताबिक इससे धार्मिक अनुष्ठान भी प्रभावित हो रहे हैं.

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया,”‘गंगा बंदी’ हर साल होने वाला एक मेंटेनेंस कार्य है. यह नहर प्रणाली दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र को पीने का पानी भी उपलब्ध कराती है और कई थर्मल पावर स्टेशनों (जैसे NTPC दादरी प्लांट) के साथ-साथ नदी पर बने कई जलविद्युत संयंत्रों को भी मदद पहुंचाती है. साल भर नहरें चालू रहने के कारण, इनके कई हिस्से पानी में डूबे रहते हैं या इस्तेमाल में होते हैं, जिससे उनकी ठीक से जांच करना मुमकिन नहीं हो पाता. केवल इसी बंदी के दौरान ही अलग-अलग तरह के नुकसान सामने आते हैं, जिससे हम जरूरी मरम्मत की योजना बना सकते हैं और उसे पूरा कर सकते हैं.”

उन्होंने आगे बताया कि कुंभ मेले से जुड़ी परियोजनाएं अलग-अलग जगहों पर चल रही हैं, और इस बंदी की अवधि को लेकर एक खास योजना बनाई गई है. इनमें से कुछ काम उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे हैं. हमारे पास एक ‘ग्रीन कॉरिडोर’ परियोजना भी है, हालांकि इसका ‘गंगा बंदी’ से सीधा कोई संबंध नहीं है.

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