जिला हरिद्वार में वर्ष 2017 से बिना किसी प्रशासनिक आदेश के अनुसूचित जाति के लोगों की भूमि-भूखंड के दाखिल खारिज पर लगी रोक हटा दी गई है. जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने अनुसूचित जाति के आमजन को बड़ी राहत देते हुए एसडीएम-तहसीलदार को लंबित चले आ रहे इस तरह के प्रकरण की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है, जिससे जल्द से जल्द उनका निस्तारण किया जा सके।जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आमजन की सहूलियत के मद्देनजर तुरंत दाखिल खारिज पर लगी रोक हटाने के निर्देश दिए. जिले की सभी एसडीएम-तहसीलदार को निर्देश दिया कि इस तरह के लंबित प्रकरणों की सूचना उन्हें एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध कराई जाए, जिसके बाद पंद्रह दिन के अंदर उनकी समीक्षा कर निस्तारण किया जाएगा. जिले में चार तहसील हैं।
दाखिल खारिज न होने के संबंध में किसी तरह का प्रशासनिक या न्यायिक आदेश होने को लेकर जब टटोला गया तब सामने आया कि इस तरह का कोई आदेश नहीं हुआ है. किसी तरह का लिखित आदेश न होने के बावजूद रोक लगाने को लेकर डीएम ने गंभीरता से लिया, उन्होंने अधीनस्थों की बैठक बुलाकर जानकारी ली. सामने आया कि एससी समुदाय के लोग अपनी निजी भूमि अथवा भूखंड को इस पेंच के चलते बेच नहीं पा रहे हैं, यही नहीं कई हजार प्रकरण राजस्व विभाग में लंबित चले आ रहे हैं.

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