जिले में 228 अति संवेदनशील व 110 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।
विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिले में अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियों ने जिले में अपनी आमद दर्ज करा ली है। चुनाव की सुरक्षा इन कंपनियों के हवाले होगी। वहीं पांच हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी चुनावी ड्यूटी में तैनात किए जाएंगे। इनमें जिला पुलिस के 1500 पुलिस कर्मियो के साथ ही वन विभाग के दारोगा, वन विभाग के फोरेस्ट गार्ड, राजस्थान, यूपी व उत्तराखंड के 2700 होमगार्ड के जवान, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी, पीएसी समेत अन्य कंपनियों के जवान शामिल रहेंगे।
अर्द्धसैनिक बलों के हवाले रहेगी अंदर की सुरक्षा
मतदान केंद्रों व बूथों के अंदर की सुरक्षा व्यवस्था में अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को लगाया जाएगा। जबकि स्थानीय पुलिस कानून-व्यवस्था व अन्य कामों में तैनात रहेगी। प्रशासन स्थानीय पुलिस को मतदान केंद्रों के भीतर तैनात नहीं करेगा।
33 स्पेशल केंद्रों पर तैनात रहेगा अतिरिक्त सुरक्षा बल
जिले के 33 स्पेशल मतदान केंद्र परेशानी का सबब बन सकते हैं। इन केंद्रों पर वोटरों को प्रभावित किया जा सकता है और अन्य घटनाएं भी हो सकती है। ऐसे केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है। इन केंद्रों पर मतदान के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जाएगा और वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात होगी अतिरिक्त फोर्स
जिले के अतिसंवेदनशील गांव व मोहल्ले में अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी। इन गांवों व मोहल्लों में वोटरों को दबाव में लेकर एक पक्ष में मतदान कराने का अंदेशा है।
सबसे अधिक निगाह शहर विधानसभा क्षेत्र पर
शहर विधानसभा क्षेत्र में पुलिस प्रशासन की सबसे कड़ी निगाह है। शहर विधानसभा क्षेत्र के कई अति संवेदशनशील मोहल्लों में भी पुलिस अपनी पैनी निगाह रखे हुए है। इन सभी की सुरक्षा की समीक्षा पुलिस कर रही है।
सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जा रही है। अति संवेदनशील, संवेदनशील व
स्पेशल मतदान केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। चुनाव प्रभावित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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