हरिद्वार स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर आई, जिसके अनुसार अब उनकी फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना ने बताया कि कॉलेज का संचालन पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर किया जाएगा।जिससे कि इसमें पढ़ने वाले छात्रों की फीस नहीं बढ़ेगी, साथ ही छात्रों को अन्य सभी सुविधाएं भी सरकारी मेडिकल कॉलेज के समान ही मिलती रहेंगी। साथ ही ऐसा करने से सरकार के हर साल 100 करोड़ रुपए भी बचेंगे, इसके अलावा 2.5 करोड़ रुपए सालाना की कमाई भी होगी।
डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि इसी सत्र से राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार में 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है, जिसके बाद अब यहां विधिवत पढाई भी शुरू हो गई है। इसी क्रम में मेडिकल कॉलेज के बेहतर संचालन और मरीजों को अच्छी सुविधाएं देने के लिए कॉलेज को पीपीपी मोड पर दिए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज भले ही पीपीपी मोड में चलेगा लेकिन उसकी शर्त में स्पष्ट किया गया है कि इसके लिए यहां पढ़ने वाले छात्रों की फीस नहीं बढाई जाएगी, साथ ही छात्रों को मिलने वाले सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों और डिग्रियों पर भी राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार ही दर्ज रहेगा।

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