हरिद्वार। जिलेे के सभी सरकारी और प्राइवेट विद्यालयों के अध्यापक स्कूल टाइम में फोन का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। शिक्षकों को स्कूल पहुंचते ही अपना मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक के कक्ष में जमा कराना होगा और फिर घर जाते समय वे अपना मोबाइल फोन वापस ले सकेंगे। हरिद्वार के डीएम शंकर पांडेय ने शिक्षा विभाग को यह आदेश दिया है।
दरअसल, सरकारी स्कूलों के शिक्षकों द्वारा बच्चों को पढ़ाने में ध्यान देने के बजाय सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय रहने की बात सामने आती रही है. जिसके बाद हरिद्वार के जिलाधिकारी विनय शंकर तिवारी ने तय किया है कि स्कूल समय में यदि कोई शिक्षक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने एक पत्र जारी करते हुए कहा कि विभिन्न जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के औचक निरिक्षण से यह पता चला है कि जिले के शासकीय और अर्द्धशासकीय विद्यालयों में शिक्षकगण अपने मूल कार्यभार के दौरान मोबाइल में सोशल मीडिया और गेम खेलने में व्यस्त रहते हैं। यह एक गंभीर स्थिति है, जो छात्र-छत्राओं के भविष्य और शैक्षणीक गुणवत्ता के विपरीत है. इसलिए यह आदेश जारी किया गया है।

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