हरिद्वार में निर्यात को बढ़ावा देने और जनपद को एक मजबूत एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जिला निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें “डिस्ट्रिक्ट्स ऐज एक्सपोर्ट हब योजना के तहत जिला निर्यात कार्ययोजना की समीक्षा और अद्यतन पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जनपद की वर्तमान निर्यात गतिविधियों का आकलन करते हुए निर्यात क्षमता बढ़ाने के लिए नई रणनीतियों पर मंथन किया गया। विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर को निर्यात से जोड़ने के लिए तैयार की गई जिला निर्यात कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया गया। इस दौरान विभिन्न विभागों, औद्योगिक इकाइयों और निर्यातकों से सुझाव प्राप्त कर योजना को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने एमएसएमई, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों की पहचान कर उन्हें निर्यात गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निर्यात उन्मुख इकाइयों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिल सके।बैठक में निर्यात से जुड़े आंकड़ों के संकलन, लॉजिस्टिक सपोर्ट, गुणवत्ता प्रमाणन, ऋण सुविधा और कृषि निर्यात को बढ़ाने के लिए विभागीय समन्वय पर भी चर्चा हुई। उद्योगों और निर्यातकों द्वारा सामने रखी गई समस्याओं एवं बाधाओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी मयूर शिक्षित ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करें, जिससे हरिद्वार को निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपद में उपलब्ध औद्योगिक और कृषि क्षमता को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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