शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का दावा करने वाला नगर निगम अपने ही परिसर को व्यवस्थित रखने में नाकाम नजर आ रहा है। परिसर में जगह-जगह गंदगी, अव्यवस्था और रखरखाव की कमी साफ दिखाई दे रही है।कहीं बिजली के तार झूल रहे हैं तो कहीं पार्क झाड़ियों से घिरा है। सूखे पौधे और टूटे गमले भी निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कार्यालय के बाहर जमा है केबल तारों का ढेर नगर निगम ने कुछ समय पहले स्ट्रीट लाइटों पर झूल रहे इंटरनेट और अन्य केबल तारों को हटाने के लिए अभियान चलाया था। अभियान के दौरान कई स्थानों से तार काटकर हटाए गए, लेकिन इनके निस्तारण की व्यवस्था नहीं की गई। ये तार कार्यालय के बाहर ही जमा कर दिए गए, जिससे वहां कूड़े का ढेर बन गया है और निगम परिसर की छवि प्रभावित हो रही है।
निर्माण अनुभाग कार्यालय के सामने बने पार्क में भी नियमित सफाई और देखरेख का अभाव नजर आ रहा है। फव्वारे के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। वहीं परिसर की दीवारों पर बिजली के तारों का जाल फैला हुआ है। खुले और झूलते तार असुरक्षित होने के साथ परिसर की अव्यवस्था को भी उजागर कर रहे हैं। सौंदर्यीकरण के लिए लगाए गए गमलों में कई पौधे सूख चुके हैं और कुछ गमले टूटे पड़े हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर निगम अपने परिसर को ही व्यवस्थित नहीं रख पा रहा है तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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