गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जिला गंगा संरक्षण समिति की 71वीं बैठक आयोजित

गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्ती की है। जिला गंगा संरक्षण समिति की 71वीं बैठक में निर्देश दिए गए कि किसी भी हाल में गंगा में गंदा पानी, कूड़ा-कचरा या गोशालाओं की गंदगी नहीं जानी चाहिए।अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के लिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध ने जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित एसटीपी प्लांट्स की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें ताकि बिना ट्रीटमेंट का पानी गंगा में न पहुंचे।

नगर निगम के अधिकारियों को जनपद में संचालित सभी गौशालाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। स्पष्ट किया गया कि किसी भी गोशाला या डेयरी से निकलने वाला गोबर और गंदगी गंगा में नहीं जानी चाहिए। इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए।उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि गंगा में गिरने वाले नालों के गंदे पानी और कूड़ा-कचरे को रोकने के लिए ठोस प्रबंधन किया जाए। जिन घाटों और आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण है वहां तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। इसके अलावा जिन पुलों पर सुरक्षा के लिहाज से जाली लगाए जाने का कार्य प्रस्तावित है उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

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