हरिद्वार में कावड़ यात्रा समाप्त लेकिन कचरे और गंदगी से बुरा हाल

साल 2026 की कांवड़ यात्रा खत्म तो हो गई, लेकिन हरिद्वार के लिए वो परेशानियां पीछे छोड़ गई. देशभर से करीब 5 करोड़ शिव के भक्त गंगा से जल लेने के लिए हरिद्वार पहुंचे थे.सावन शिवरात्रि के बाद हरिद्वार का जो मंजर दिखा, उसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे. हर तरफ कचरे का ढेर नजर आ रहा है. घाटों पर फेंके गए कपड़ों, प्लास्टिक का कचरा और कांवड़ के बिखरे हुए सामान ने वहां की तस्वीर ही बदल दी है. हर की पौड़ी का भी हाल बेहाल नज़र आया.

इस पूरे क्रम में सबसे ज्यादा शर्मनाक बात ये है कि चेंजिंग रूम में यूरिन से भरी बोतलें पड़ी हुई मिलीं. अधिकारियों के मुताबिक, हरिद्वार के डंपिंग ग्राउंड तक करीब 7000 टन कचरा पहुंचा है, जिसकी वजह से वो कूड़े के पहाड़ जैसा लग रहा है. हरिद्वार का ऐसा हाल देखकर स्थानीय लोगों में काफी नाराज़गी है. इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए एक शख्स ने कहा कि शिव के भक्त इतनी दूर से हरिद्वार आते हैं और फिर ऐसी हालत में छोड़कर चले जाते हैं. नगर निगम आयुक्त ने बताया कि कल शिवरात्रि के बाद सभी टीमों ने घाटों के साथ-साथ, पार्किंग और सड़कों की रातभर सफाई की है.

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