रक्षामंत्री ने भारत की संस्कृति पहचान और मूल्य की सुरक्षा की आवश्यकताओं पर जोर दिया

हरिद्वार में सप्तऋषि आश्रम में स्वामी सत्यमित्रानंद की प्रतिमा के अनावरण समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।उन्होंने चेतावनी दी कि कमजोर सांस्कृतिक जड़ें देश में विघटन का कारण बन सकती हैं।उन्होंने ने कहा कि कोई भी राष्ट्र तब तक सुरक्षित नहीं रह सकता जब तक उसकी सांस्कृतिक नींव, मूल्य और पहचान सुरक्षित न हों। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री की भूमिका केवल सीमाओं और सशस्त्र बलों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, किसी राष्ट्र की सुरक्षा उसकी भौगोलिक सीमाओं से परे फैली हुई है।

रक्षा मंत्री ने सांस्कृतिक महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इतिहास यह दर्शाता है कि जिन राष्ट्रों ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को कमजोर होने दिया, वे अंततः विघटित हो गए। उन्होंने बताया कि आज हमारी संस्कृति एक अदृश्य युद्धक्षेत्र में है, जहां हमारे गौरवमयी इतिहास को विकृत किया जा रहा है।

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