सरकार की अपील के बाद गुरुवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद पैदल अपने घर से कार्यालय पहुंचे। उन्होंने करीब एक किलोमीटर का सफर पैदल तय कर लोगों और अधिकारियों को स्वस्थ जीवनशैली व ईंधन बचत का संदेश दिया।खास बात यह रही कि डीएम ने अपनी सरकारी गाड़ी भी कार्यालय नहीं मंगवाई और कहा कि जरूरत पड़ने पर ही वाहन बुलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने उन अधिकारियों से भी पैदल दफ्तर आने की अपील की जिनका आवास कार्यालय के नजदीक है। डीएम की अपील का असर भी देखने को मिला। मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा, हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष सिंह समेत कई अधिकारी पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचे।
वहीं नगर आयुक्त नंदन कुमार भी पैदल दफ्तर पहुंचे। हालांकि कुछ अधिकारी अब भी सरकारी वाहनों से कार्यालय पहुंचे। एडीएम प्रशासन फिंचराम चौहान, तहसीलदार सचिन कुमार सहित कई अधिकारी अपनी गाड़ियों से कार्यालय आए। वहीं सहायक नगर आयुक्त भी वाहन से कार्यालय पहुंचे। डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि छोटी दूरी के लिए पैदल चलना न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि इससे ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।

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