वेतन भुगतान की मांग को लेकर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने तालेबंदी की चेतावनी दी है। मंगलवार को आंदोलन के तहत जारी धरने के दौरान उन्होंने कहा कि अब आंदोलन को उग्र किया जाएगा।उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उत्पीड़न कर रही सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर कर रहा है।
मंगलवार को पूर्व निर्धारित आंदोलन कार्यक्रम के तहत कर्मचारियों ने उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर किए। कर्मचारियों ने 12 बजे से 2 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान उत्तराखंड विश्व विद्यालय महासंघ की संगठन मंत्री सुनीता चंद्र तिवारी व संध्या रतूड़ी ने कहा कि वेतन के स्थायी समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि अगर मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय कार्मिकों की ओर से चार माह के वेतन के लिए परिसरों की तालेबंदी भी कर दी जाएगी। शिक्षणेत्तर कर्मियों ने आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन पर छोड़ दी है।
कर्मचारी नेता समीर पांडेय ने कहा कि सरकार की मनमानी से कर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे अब किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द मांगों को माना नहीं गया तो कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को भी बाध्य होंगे।
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