अर्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रशासन ने कमर कसी

र्ष 2027 में होने वाले अर्द्धकुंभ मेले को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रशासन अभी से तैयारी कर रहा है। कुंभ केवल मेला नहीं, बल्कि प्रशासनिक परीक्षा होगी। लिहाजा, इस आयोजन में स्मार्ट और डिजिटल तकनीक के व्यापक उपयोग पर विशेष जोर दिया जाएगा।मंगलवार को दर्जाधारी विनय रोहिला की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार में विभिन्न विभागों के साथ समीक्षा बैठक हुई, जिसमें निर्माण कार्य समेत तमाम व्यवस्थाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। रोहिला बोले, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का स्पष्ट विजन है कि कुंभ मेला-2027 केवल धार्मिक आयोजन न रहकर आधुनिक तकनीक, मजबूत प्रशासनिक समन्वय और प्रभावी आपदा प्रबंधन का उदाहरण बने।

इस बैठक में नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, एनएचएआई, जल संस्थान, जल निगम, ऊर्जा निगम, खाद्य, परिवहन, एचआरडीए सहित सभी विभागों ने अपनी कार्ययोजनाएं रखीं। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने पीपीटी से प्रस्तुतीकरण दिया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रोहिला ने सभी अफसरों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरे हों। हर अफसर निगरानी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि कुंभ राज्य की प्रशासनिक क्षमता, तकनीकी दक्षता और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की बड़ी परीक्षा होगा। करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भीड़ प्रबंधन सबसे संवेदनशील विषय रोहिला ने कहा कि कुंभ में भीड़ प्रबंधन सबसे संवेदनशील विषय है। अनुमानित श्रद्धालुओं की संख्या के अनुसार सेक्टरवार योजना, वैकल्पिक निकासी मार्ग और पर्याप्त होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएं। उन्होंने गंगा घाट क्षेत्रों में जलस्तर की निगरानी, मौसम विभाग से रियल-टाइम समन्वय और प्रभावी चेतावनी प्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेस्क्यू बोट, प्रशिक्षित गोताखोर और लाइफ जैकेट की व्यवस्था को अनिवार्य बताया। अग्नि और स्वास्थ्य सुरक्षा पर फोकस अग्नि सुरक्षा को लेकर टेंट सिटी, अखाड़े, बिजली व्यवस्था और सामुदायिक रसोई क्षेत्रों में फायर सेफ्टी ऑडिट के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को कुंभ की रीढ़ बताते हुए रोहिला ने फील्ड हॉस्पिटल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, मेडिकल पोस्ट और एंबुलेंस नेटवर्क को पूरी तरह सक्रिय रखने को कहा।

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