उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में आगामी कांवड़ मेले की तैयारियों को लेकर सात राज्यों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय अंतरराज्यीय बैठक आयोजित की गयी. जिसमें उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि श्रावण मास का कांवड़ मेला देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है और हरिद्वार इसका केंद्र बिंदु है.इस मेले में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसी को देखते हुए सभी संबंधित राज्यों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाएं और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक में शामिल सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने बताया कि आगामी 10 से 12 दिन तक चलने वाली कांवड़ यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. ट्रैफिक डायवर्जन, कांवड़ियों की सुविधाओं, विभिन्न जिलों के बीच समन्वय और त्वरित सूचना आदान-प्रदान की मजबूत व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का समन्वय का अभाव न रहे. वहीं डीजे संचालन को लेकर भी स्पष्ट किया गया कि सभी डीजे शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही बजाए जाएंगे.कांवड़ यात्रा के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों के संचालन, डायवर्जन प्लान और ट्रैफिक कंट्रोल को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. बताया गया कि हर साल कांवड़ियों की संख्या में इजाफा हो रहा है. जिससे ज्यादातर मार्ग बहुत ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं. बैठक में तय किया गया कि ट्रैफिक डायवर्जन का सही से पालन हो, जिसमें कांवड़ यात्रियों के साथ आम आदमी को कोई दिक्कत न हो.

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