चारधाम यात्रा और आगामी कांवड़ मेले को सुचारु, सुरक्षित व जाममुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अतिक्रमण के विरुद्ध दूसरे दिन गुरुवार को भी अभियान चलाया।जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों, नगर निकायों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि, सड़क, फुटपाथ और नालियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो।उन्होंने बताया कि अतिक्रमण के कारण चारधाम यात्रा और कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े, इसको लेकर प्रशासन की ओर से बुधवार से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है।
गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट हरगिरी के नेतृत्व में वाल्मीकि चौक (ललतारौ पुल) से अपर रोड तक तथा उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा के नेतृत्व में भीमगोड़ा बैरियर से जयराम आश्रम होते हुए सूखी नदी क्षेत्र तक संयुक्त अभियान चलाया गया।नगर निगम, पुलिस, जिला प्रशासन, एसएसबी और सेना के जवानों की मौजूदगी में नालियों और फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए गए।इस दौरान कई खोखों और अस्थायी ढांचों को भी हटाया गया। कुछ स्थानों पर प्रशासन की टीम को अतिक्रमण करने वालों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। अभियान के दौरान दोनों टीमों ने मिलकर 100 से अधिक अस्थायी अतिक्रमणों को हटाया।सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई कि भविष्य में नालियों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थलों पर सामान या व्यावसायिक सामग्री रखे जाने पर उसे तत्काल जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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